दीवाल पोत दूंगा

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हेलमेट नहीं पहनो तो ₹100 दो और चलते बनो देखो वर्दी का खेल

 खबर बैतूल घोड़डोंगरी से l


इमरान खान की खबर l


बैतूल यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह l



बैतूल शहर के अंदर या बैतूल शहर के बाहर यातायात व्यवस्था चरमराई हुई है ना  किसी  बड़े दबंगईयों के ऊपर बड़े बस मालिकों के ऊपर ट्रक मालिक के ऊपर यातायात पुलिस चालान के नाम पर कर लेता है मौन धारण  गरीबों के ऊपर ही करता है चालानी कार्रवाई l


जब ट्रैफिक पुलिस काटने लगे आपकी गाड़ी का चालान, तो यातायात नियमों को करना होगा आपको पालन l


आपको बता दे घोड़ा डोंगरी में यातायात पुलिस द्वारा की जा रही है चालानी कार्रवाई पुलिस अपने ही खाते में ले लेते हैं पैसे और दे देते हैं चालान के रसीद !




यातायात पुलिस का एक वीडियो हैं जिसमें पुलिस ₹100 लेने के बाद ₹100 एक तरफ रख देते हैं l


जर्नलिस्ट एंड प्रेस वेलफेयर एम्पलाइज समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नागेंद्र सिंह चंदेल का यातायात पुलिस द्वारा चालान काटा जाता है दस्तावेज दिखाने के बाद भी उनसे ₹300 का चालान ले लिया जाता है जब नगेंद्र सिंह के पास पैसे नहीं थे तो यातायात पुलिस के कर्मचारी विनोद उनके ने कहा कि मेरे खाते में ₹300 ट्रांसफर कर दो l


अब यह कहां तक सही है क्या पुलिस अपने खाते में पैसा चलन का ले सकती है ?



*किसके खाते में जाती है चालान की राशि?


किसी राज्‍य में ट्रैफिक पुलिस द्वारा काटे गए चालान से मिलने वाली रकम राज्य सरकार के खाते में जाती है l


उदाहरण के लिए अगर आपके कार का चालान एमपी में कटा है तो उससे मिलने वाली रकम एमपी सरकार के परिवहन मंत्रालय के खाते में जाएगी. वहीं केंद्र शासित प्रदेशों में चालान की राशि केंद्र सरकार के खाते में जाती है.

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